हमें मांस क्यों नहीं खाना चाहिए अगर हम सनातनी है तो हमें यह जानना आवश्यक है कि हमारे संस्कृत में हमें मांस खाने से क्यों किया जाता यह बात है त्रेता युग से यह कहानी जो है त्रेता युग है इस कारण से आप देख सकते हो जो लोग भी मांस खाता आज के समय में बिल्कुल ही खुश नहीं रह पाते अमीर होते जाता है और गरीब होते जाता है उसका एक बहुत बड़ा कारण इसे भी मान सकते हैं अगर यह हम अपने शस्त्र और धर्म की बात माने तक तो अगर आप भी हिंदू भाई हो तो इस वीडियो को लाइक करो चैनल को फॉलो करो सब्सक्राइब करो और ज्यादा से ज्यादा शेयर करो ताकि और भी कोई लोग जय मीत मां सेवन करने कारण गरीबी न रह जाए लेकिन जिनको इस बारे में नहीं पता उन्हें भी इस बारे में पता चल जाए हमारे एक हर एक हिंदू भाभियों को यह पता होना चाहिए कि हमें आखिर मीट मांस का सेवन क्यों नहीं करना चाहिए।
तो इस कहानी का जो हमारे शास्त्र में लिखा गया है इसे त्रेता से लिखिए मतलब कि हमारे त्रेता में जो महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की जब लिखी नहीं थी मतलब कि उन्हें माना जाता है कि हमारे रामायण का जो लेख है उन्होंने नहीं किया है हमारे रामायण का लेख भगवान विष्णु के कहने पर किया लेकिन उसके पहले क्या घटना है कि भगवान विष्णु को आकर उन्हें कहना पड़ा आखिर भगवान विष्णु उनको ही आकर क्यों कहे यह सारी चीज आज के इस वीडियो में देखेंगे क्योंकि हमें मीट मांस क्यों नहीं खाना चाहिए इसी कहानी से जुड़ी हुई है तो बात ही है कि मैं ऋषि जब महर्षि वाल्मीकि जब थे तो वह स्नान करने हमेशा एक नदी में जाते थे एक सरोवर में तो उनके साथ एकउनका शिष्य भी रहता था जो हमेशा उनके साथ रहता था ठीक है भारद्वाज उनके शिष्य का नाम था तो एक दिन उन्होंने भारद्वाज से कहा कि आज हम स्नान करने से पहले आप पूरे इस जो जंगल है मतलब जहां उनका आश्रम था वह आसपास घने जंगल थे तो वह बोले की पूरी जंगल का हम जो ब्राह्मण करेंगे उसके बाद स्नान करके आप पवित्र होंगे ठीक है तब उनके वह और भारद्वाज जो उनके शिष्य थे यह दोनों साथ में जंगल का भ्रमण कर रहे थे तब एक शिकारी मिला उन्हें देखने को तो वह शिकारी जो था एक पेड़ पर देखा तो वहां पर दो चिड़िया थे चिड़िया और एक चिड़िया चिड़िया मतलब न और चिड़िया मतलब स्त्री तो यह दोनों जो थे एक में आपस में हंसी-खुशी बातचीत कर रहे थे तभी यह शिकारी गया और न को मार गिराया चिड़ा को मार गिराया तो उसे वक्त चिड़िया थी बहुत मायूस हो गई रोने लगी कि अभी हमहंसते खेलते रह रहे थे और अचानक से ऐसा क्या हो गया कुछ समझ ही नहीं है कि हमारा सारा खुशी पल भर में बिखर गया और यह महर्षि वाल्मीकि नजर यह मतलब घटना देखी दूर से तो उनको बहुत ज्यादा गुस्सा आया और बहुत ज्यादा वह व्याकुल हो गए हैं और एक तरह से पल भी बोल सकते थे मतलब ऐसे हुए थे तूने गुस्सा में उसे शराब दिया कि वह उसका कभी भी आग्रह होती नहीं कर पाएगा विकास नहीं हो पाएगा कभी भी आगे नहीं बढ़ पाएगा उसका सर्वनाश हो जाएगा और जो है कि उन्हें और भी शराब दिए जो चिड़िया का सेवन करेगा और पक्षियों को मारेगा सेवन करेगा उनका दुख दर्द देगा उनका ना ही कभी शरीर में विकास होगा नहीं उनके ऊपर मांस आएंगे नहीं कुछ मतलब ऐसे शराब दिए और साथ में यह भी दिए कि वह कभी स्वस्थ नहीं रह पाएगा स्वस्थ कभी शराब दिए कि वह कभी स्वस्थ नहीं रह पाएगा हमेशा मतलब उसके कोई ना कोई पीड़ा राखी रहेगी धन में कमी होगी उसको मान सम्मान समाज में नहीं मिलेगा ऐसे बहुत सारे शराब से एक साथ में ही दे दिया और इसशराब का जो है भुगतान आज की पीढ़ी कर रही है मीट मांस की सेवन करके आज की पीढ़ी को यह चीज नहीं बताया जा रहा है और वह मीट मांस की सेवन करते जा रहे हैं और मीट मांस के सिवान इतना ज्यादा कर रहे हैं कि कहो मत और आप ज्यादातर देखो तो मीट मांस के सेवन ज्यादातर जो है गरीब लोग ही कर रहे हैं मीट मांस में अब जैसे कि ले लेते हैं आप जैसे यह पक्षी को मार कर करते हैं तो मुर्गा भी मुर्गी जो है वह पक्षी में ही आते हैं उनके एंड हो गए ऐसे को मार दिया जाता है जो इस दुनिया में आए नहीं उसको मार दिया था तो हमारे साथ के अनुसार एक कारण हमारा यह है कि हम हमेशा दुखी रहेंगे अगर मीट मांस का सेवन करते हैं तो क्योंकि मीत मां का सेवन करते हैं मुर्गे का और मुर्गा पक्षी के रूप में माना जाता हैतो हमारे शास्त्र के हिसाब से हमें हमेशा दुखी रहने पर कुछ लोग बोलेंगे कि अरे हम तो बहुत मस्त हैं तो उनके साथ एक और प्रॉब्लम होती होगी कि उनका बुद्धि भ्रष्ट हो गया होगा मतलब कुछ पढ़ लिख नहीं पाते होंगे कुछ नहीं कर पाते होंगे सोने की क्षमता ज्योति अंदर की वह नष्ट हो जाएगी इसका मुख्ता यही कारण है और जो डॉक्टर बोलते हैं सिखाए शरीर का मनसेंगे वह ठीक है वहां तक भाषा लेकिन शास्त्र माने तो बात कहीं ना कहीं यह सत्य है और हमें देखने को भी अपने आसपास मिल जा रहा है यह सारे चीज देखने के लिए जो भी घटना और आसपास मिल जा रहा है कि बच्चों में यह बीमारी चल रहा है जानवरों में यह बीमारी चल रहा है इसे खाने से यह बीमारी हो गया है बहुत प्रकार की बीमारियां भी यहां पर चल रही है तो हमें अभी के समय में करोड़ों कल चल रहा था 2021-22 चला और फिर से 2023 के दिसंबर में आना शुरू हुआ है तमिलनाडु में हजारों लाखों लोग मारे गए हैं कोरोना कल के कारण नया वर्जन आया हैऔर भविष्य मलिक जो हमारे शास्त्र के हिसाब से ही लिखा गया है भविष्यवाणी कीजिए उसके हिसाब से भी जो भी बहुत महामारी होने वाला और उसका एक झलक देखने को भी मिल रहा है तो हमें अपनी पीढ़ी को समझ नहीं होगी कि हमें अभी साइंस छोड़कर शास्त्र में ही आना पड़ेगा क्योंकि शास्त्र से ही साइंस है इस वक्त जो हमारे शास्त्र में लिखा हुआ है वही साइंस को खोजा जा रहा है साइंस में और वही चीज प्रूफ हो रहा है तो हमें समझना पड़ेगा कि हमें शास्त्र को पढ़ना बहुत ही आवश्यक है हम अपने शास्त्र को नहीं जान रहे इस कारण से हम बहुत सारे उलझन में फंसे हुए|
जय श्री राम आज हमारा 100 दिन में पहला दिन है यह वीडियो बनाने के बाद आपको आपके जीवन में क्या सुधार मिली क्या नहीं मिला सारे चीज कमेंट में भाई बता देना और वीडियो को लाइक जरुर करना और शेयर करो जो भी हिंदू भाई है जिनको यह नहीं पता है उन्हें प्रयास कर उन्हें पता चले सनातनी होने का नाइट शेयर करो और आज यह पहला वीडियो है क्या सीखने में कमेंट में जरूर बदलो तब तक के लिए जय श्री राम।
